Wednesday, April 20, 2016
Tuesday, January 5, 2016
Rang rajasthan 2016 coming soon
म्हे राजस्थानी म्हाको राजस्थान
ऐसो है राजस्थान को प्यार
एक बार जो आवे बस रम जावे
राजस्थान री मिटटी को रंग चढ़ ही जावे......
राजस्थान री खुशबू ने सात समुंदर पार ले जावा वास्तो
जल्द आ रहे हो है
"रंग राजस्थान"
तैयारी शुरू कर दो सा......
बेटो किणरो
म्हे राजस्थानी म्हाको राजस्थान
#rangrajasthan
नाटक बेटो किणरो स्वर्गीय श्री विजय दान देता की कहानी पर आधारित है। यह नाटक महिला सशक्तिकरण पर आधारित है। इस नाटक के माध्यम से बिज्जी नाटक की दो महिला पात्र को अधिकार देकर सशक्त करते हैं। ये कहानी सिर्फ महिला को उन अधिकार व समाज में सम्मान की बात करता है बल्कि औरत को सशक्त बनाने पर भी ज़ोर देता है। और इस बात को भी स्वीकार किया गया है के एक औरत ही औरत को मज़बूत बनाने की पहली सीढ़ी है।
फॉय सागर झील
म्हे राजस्थानी म्हाको राजस्थान
#lake FOY SAGAR
#फॉय सागर झील
#NAMED AFTER ENGLISHMAN "MR FOY"
#IN AJMER
फॉय सागर झील एक कृत्रिम/.बनावटी झील है जिसका निर्माण अजमेर के पास वर्ष 1892 में अंग्रेज़ वास्तुकार श्री फॉय की निगरानी में हुआ था। झील का निर्माण मूल रूप से एक सूखा राहत परियोजना के हिस्से के तहत् किया गया था है। झील एक सपाट आकार की है जो देखने में एक पैनकेक की तरह लगती है है। जिस समय इस झील का निर्माण हो रहा था तब अजमेर शहर को अजमेरी(AJMERE) नाम से जाना जाता था ।
Dhebar lake
म्हे राजस्थानी म्हाको राजस्थान
#DHEBARLAKE
#ALSO KNOWN AS "JAISAMAND LAKE"
#ASIA'S SECOND LARGEST ARTIFICIAL LAKE
#BUILT BY MAHARAJA JAI SINGH
#LOCATED IN UDAIPUR(झीलों की नगरी )
ढेबर झील(जयसमंद झील)
अरावली की गोद में स्थित जयसमंद झील एशिया के दूसरी सबसे बड़े मानव-निर्मित जलाशयों में से एक है। उसका निर्माण मेवाड़ के महाराणा जयसिंह ने 1685 में कराया था। पहले वहां एक छोटा पोखर था, जिसे ढेबर झील कहा जाता था। कहते हैं कि महाराणा जयसिंह का बचपन का नाम ढेबर था और इस झील का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया था। अरावली की एक घाट को दीवार द्वारा चिनवाकर इस छोटे पोखर को विशाल झील में बदला गया।
महाराणा जयसिंह ने इस झील का नाम जयसमंद (जयसमुद्र) रखा और उसके किनारे अनेक भव्य महल बनवाए।
Tuesday, December 15, 2015
Wednesday, December 9, 2015
Jaipur Foot
An 18 Year old girl from Africa has been fitted with the famed Jaipur foot by the Bhagvan Mahavir Viklang Sahayta Samiti (BMVSS). Founder Chief of BMVSS D.R. Mehta examined the case & founded that she could be fitted with Jaipur foot and asked to send the girl to Jaipur and assured for free treatment.
http://jaipurfoot.org/

